बुधवार, 30 मार्च 2016

रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून

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आज विश्व जल संरक्षण दिवस पर मुझे कवि रहीम का दोहा.......
      रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून।
      पानी गए न उबरे, मोती, मानुस चून।।

बरबस याद आ रहा है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में अध्यापिका के रूप में बिताये चौबीस वर्षों में जल के महत्त्व को मैंने बखूबी समझा और यही मूलमंत्र जीवन में पाया कि सोने-चांदी, हीरे-मोती से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण और अमूल्य है जल। वहाँ की स्मृतियों में जब-तब मैं डूबती-उतराती रहती हूँ। आज विश्व जल संरक्षण दिवस पर उन स्मृतियों को साझा करने की मन में हिलोर उठी। लगा कि इन स्मृतियों को शब्दों में पिरोना चाहिए। अरुणाचल प्रदेश में हम जहाँ भी रहे वहाँ दूर-दूर हैंडपंप लगे होते थे। पहाड़ी जगहों में पानी के स्रोत पर पाइप लाइन फिट करके,पाइप बिछाते हुए जगह-जगह, पर दूर-दूर नल लगा दिए जाते थे।

गुरुवार, 24 मार्च 2016

होली , होली ... आखिर हो ली






होली अपने आप में एक ख़ास पर्व है | होली रंगों का त्यौहार है और इस त्यौहार में सारे गिले शिकवे भूल कर सब स्नेह के रंगों में रंग जाते हैं पर इस बार की होली विशेष रूप से ख़ास रही |कारण होली से कुछ दिन पहले ही ये विवाद उठा की होली २३ को है या २४ को | जिससे पूंछो  वो अपनी कहानी बताता | अपने एरिया के पंडित के द्वारा दिए गए ज्ञान को पूरे जोश खरोश के साथ  बघारता | तर्क से सिद्ध करता | हाल ये हुआ की कई दिन तक फोन की घंटियाँ इसी बात पर घनघनाती रहीं की होली कब की है ? पर कोई एक उत्तर नहीं मिला |

#वर्ण_पिरामिड# #होलिका_दहन#


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1--
हो
दर्प
दहन
खिलें रंग
अपनों संग
प्रेम विश्वास के
होली के उल्लास में।
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मंगलवार, 22 मार्च 2016

विश्व जल संरक्षण दिवस पर विशेष लेख- जल संरक्षण के लिए बेहतर जल प्रबन्धन की अति आवश्यकता है





डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक,
सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ
(1) संयुक्त राष्ट्र संघ की जल संरक्षण की महत्वपूर्ण पहल:-
जल मानवता के लिए प्रकृति का अनुपम उपहार है जिसके अभाव में जीवन की कल्पना ही संभव नहीं है। दुनिया भर में भूजल का स्तर खतरनाक रूप से गिरता जा रहा है, जो विभिन्न विद्वानों के इसी कथन को बल प्रदान करता है कि जल ही तृतीय विश्वयुद्ध का कारण बनेना। ऐसे में यदि तीसरे विश्वयुद्ध की विभीषिका से मानवता को बचाना है तो सर्वप्रथम आज से अभी से जल संवर्धन हेतु ठोस कदम उठाने होंगे। इसी सत्यता को स्वीकार करते हुए पानी बचाने के लिए जागरुकता और लोगों को इसके लिए उत्तरदायी बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 1992 के अपने अधिवेशन में 22 मार्च को विश्व जल दिवस के रुप में प्रतिवर्ष मनाने का निश्चय किया। जिसके अन्तर्गत् सर्वप्रथम 1993 को पहली बार 22 मार्च के दिन पूरे विश्व में जल दिवस के मौके पर जल के संरक्षण और रखरखाव पर जागरुकता फैलाने का कार्य किया गया। इस दिवस को विश्व भर में जल संरक्षण विषयक सरकारी, गैर-सरकारी, शैक्षिक संस्थानों आदि में सारगर्भित चर्चायें तथा समारोहों के माध्यम से लोगों का पानी बचाने के लिये जागरूक किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले 50 वर्षों में पानी के लिए 37 भीषण हत्याकांड हुए हैं। पानी को जिस तरह से बर्बाद किया जा रहा है उसे देखते हुए हर देश चिंतित है। हर देश में पानी के लिए टैक्स, बिल, बर्बादी करने पर सजा आदि का प्रावधान है लेकिन फिर भी लोग पानी की सही कीमत को नहीं समझ पाते।

सोमवार, 21 मार्च 2016

सद्विचार -सही शब्द


सद्विचार - रिश्तों की परवाह


अंतर्राष्ट्रीय गोरैया दिवस पर ...…..'ओ री गौरैया ' .

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मेरी बचपन की प्यारी सखी गौरैया! तुम्हें पता है आज विश्व गोरैया दिवस है। इसे एक तरह से इसे मैं तुम्हारा जन्मदिवस ही मानती हूँ। सो मेरी प्यारी सखी!जन्मदिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ। तुम्हें याद होगा, बचपन में माँ से आलू-प्याज रखने वाली टोकरी माँग कर ,पापा से उसमें सुतली बंधवाती थी । एक लकड़ी की सहायता से उसे खड़ा करते, उसके नीचे चावल के दाने बिखेर कर, मैं पापा के साथ सुतली पकड़ कर तुम्हारे इंतज़ार में छिप कर बैठ जाती थी। तुम आती और चावल खा कर फुर्र से उड़ जाती, और मैं देखने के चक्कर में सुतली खींचना ही भूल जाती थी। माँ अलग डाँटती कि खाना छोड़ कर चिड़िया के चक्कर में लगे हो।

शनिवार, 19 मार्च 2016

होली स्पेशल - होली की ठिठोली




जल्दी से कर लीजिये हंसने का अभ्यास
इस बार की होली तो होगी खासमखास 

दाँतन बीच दबाइए लौंग इलायची सौंफ 
बत्तीसी जब दिखे तो मुँह से आये न बास

मंगलवार, 1 मार्च 2016

सद्गुरु के सद्विचार


* अविश्वसनीय चीजें आसानी से की जा सकती हैं यदि हम उन्हें करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
*कुंठा, निराशा और अवसाद का मतलब है कि आप अपने खिलाफ काम कर रहे हैं।